सोमवार, 8 फ़रवरी 2010

बाबा,बमबम और बंदूक


कुंभ मेले में सुदूर हिमालय की कंधराओं से आए नागा साधु सबसे अलग ही नजर आ रहे हैं। हाथ में सिमटा,त्रिसूल और बंदूक थामें इन नागा बाबाओं की रहस्यमयी दुनिया को जानने के लिए हर कोई लालायित है। नागा साधुओं के बारे में कहा जाता है कि ये सिर्फ कुंभ मेले ही दिखाई देते हैं। मेले के बाद कहां जाते हैं और कहां रहते हैं कोई नहीं जानता। इनके रहने के ज्यादातर ठिकाने उत्तराखंड की पर्वतमालाएं हैं। नागा साधु किसी भी अखाड़े में आ जा सकते हैं। इनके हाथों में हथियार हिंदू धर्म की सुरक्षा का प्रतीक है। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि भले ही हम चांद पर पानी और मंगल पर जीवन खोजने का दावा कर रहे हों लेकिन नागा साधुओं की निराली दुनिया का रहस्य आज भी पहेली बना हुआ है।

4 टिप्‍पणियां:

Unknown ने कहा…

सचमुच नागा बाबाओं की रहस्यमय दुनिया का कोई ओर छोर नहीं है .... विज्ञान वहाँ तक नहीं पहुँच सकता जहाँ तक आत्म ज्ञान पहुँचता है

Unknown ने कहा…

सचमुच नागा बाबाओं की रहस्यमय दुनिया का कोई ओर छोर नहीं है .... विज्ञान वहाँ तक नहीं पहुँच सकता जहाँ तक आत्म ज्ञान पहुँचता है

Udan Tashtari ने कहा…

हाँ एक कोतुहल रहता है इनकी दुनिया को जानने का भी.

helloshekhawati ने कहा…

sir

happy holi, impressive blog to follow..I also start blogging..
Sarvesh Dainik Bhaskar Sikar